former registry UP:किसान भाइयों आपकी जानकारी के लिए बता दे की उत्तर प्रदेश की योगी सरकार असली किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसान रजिस्ट्री आईडी कार्ड बना रही है, ताकि वे आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। दरअसल, कई भू-माफिया किसानों के लिए बनी सरकारी योजनाओं का अवैध रूप से लाभ उठा रहे थे, जिसके कारण असली किसान इन योजनाओं से वंचित हो रहे थे।
अगर आप नहीं जानते की उत्तर प्रदेश सरकार ने अब किसानों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब माफिया और रसूखदार लोग किसी भी किसान को ठग नहीं पाएंगे. दरअसल, सरकार ने हर किसान के लिए यूपी किसान रजिस्ट्री आईडी जारी करने की व्यवस्था की है, ताकि किसान आसानी से सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें.
अभी तक माफिया किसान सम्मान निधि, न्यूनतम समर्थन मूल्य और फसल ऋण जैसी किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते थे. माफिया इन योजनाओं का फायदा उठाकर असली किसानों का हक छीन लेते थे. लेकिन अब किसान रजिस्ट्री आईडी से यह सब बदल जाएगा. अब असली और जरूरतमंद किसान ही इन योजनाओं का सही लाभ ले पाएंगे और माफिया की घुसपैठ पर सख्ती से लगाम लगेगी.
किसान रजिस्ट्री आईडी कैसे बनवाएं?
किसान रजिस्ट्री आईडी एक सरकारी दस्तावेज है, जो हर किसान के पास होना जरूरी है। यह कार्ड किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगा। इसके लिए किसान को आधार कार्ड, परिवार का मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड की जरूरत होगी। इसके बाद किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या सरकार द्वारा नियुक्त पंचायत घरों में जाकर इसे बनवा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में कहां-कहां हो रही है रजिस्ट्री
बरेली मंडल की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने आदेश दिया है कि बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में जल्द से जल्द किसान रजिस्ट्री आईडी बनवाई जाए। इन जिलों में करीब 12 लाख किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से बहुत कम किसानों के पास यह आईडी है।
क्यों जरूरी है किसान रजिस्ट्री आईडी?
अगर किसान जल्द से जल्द किसान रजिस्ट्री आईडी नहीं बनवाते हैं, तो उन्हें किसान सम्मान निधि और दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे जल्दी से जल्दी यह आईडी बनवा लें, ताकि माफियाओं से उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।